News Expert - Sushil Sharma
मेरठ – डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बृहस्पतिवार को शिविर कार्यालय मेरठ से एक विस्तृत मासिक अपराध एवं कानून-व्यवस्था समीक्षा बैठक की। बैठक में मेरठ, हापुड़, बागपत और गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, सीओ एलआईयू, एएसआरओ, सभी थाना/शाखा प्रभारी और यातायात निरीक्षक शामिल हुए। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
बैठक की शुरुआत आगामी पर्वों — स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी, चेहलुम और अन्य धार्मिक आयोजनों — पर विशेष चर्चा से हुई। डीआईजी नैथानी ने कहा कि इन त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे संवेदनशील इलाकों में भौतिक निरीक्षण करें, धार्मिक आयोजकों से पहले ही संवाद बैठकें करें, और बाजारों, मंदिरों, मस्जिदों, शोभायात्रा मार्गों पर पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन, बैरिकेटिंग और फुट पेट्रोलिंग की ठोस व्यवस्था करें।
त्योहारों पर विशेष सतर्कता
डीआईजी ने मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में हांडी फोड़, झांकी प्रतियोगिता और तिरंगा रैली जैसे आयोजनों के दौरान विशेष चौकसी बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "किसी भी प्रकार की अफवाह फैलने पर तत्काल कार्रवाई करें। संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए।"
चेहलुम के दौरान जुलूस मार्गों पर यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता इंतज़ाम करने के निर्देश दिए गए।
अपराध नियंत्रण में तेजी
अपराध नियंत्रण पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीआईजी नैथानी ने गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एनडीपीएस के तहत अधिक से अधिक कार्रवाई करने, इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी और एनबीडब्ल्यू वारंटों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से दहेज हत्या, पॉक्सो, एससी/एसटी एक्ट और महिला अपराधों की विवेचना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में ऑपरेशन पहचान, ऑपरेशन विवेचना, ऑपरेशन एचएस, ऑपरेशन जालसाज और ऑपरेशन कन्विक्शन की प्रगति की समीक्षा की गई और इन अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा हुई।
ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार
ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर डीआईजी नैथानी ने तीन सवारी पर नियंत्रण, बिना हेलमेट और बिना सीटबेल्ट वालों के खिलाफ अभियान, और बेगमपुल से परतापुर तक दिल्ली रोड पर विशेष ट्रैफिक कॉरिडोर विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बाईपास पर अनावश्यक भीड़ और लंबी दूरी की समस्या का समाधान हो सके।
जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
बैठक के अंत में डीआईजी ने कहा, "पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना नहीं, बल्कि जनता में सुरक्षा का विश्वास पैदा करना है। अपराध और अव्यवस्था के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।"







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