News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - नगर पालिका परिषद द्वारा हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स (वाणिज्य कर) की नई दरें लागू करने को लेकर व्यापारी वर्ग में नाराजगी बढ़ गई है। व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्थान (रजि.) के पदाधिकारियों ने बुधवार को मेरठ-हापुड़ सांसद अरुण गोविल से मुलाकात कर कर निर्धारण में की गई विसंगतियों पर आपत्ति जताई और समाधान की मांग की।
फोरम के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार गर्ग ने बताया कि 25 मार्च को नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी और व्यापारिक संगठनों की बैठक में प्रति वर्ग फुट 5 पैसे की बढ़ोतरी पर सहमति बनी थी। लेकिन नई दरें लागू करते समय कई अहम बिंदुओं को छिपा लिया गया, जिससे करदाताओं को नुकसान हुआ।
गर्ग के अनुसार, पहले भवनों पर हाउस टैक्स 6% था, जिसे 28 जून 2024 की शासनादेश का हवाला देकर 10% कर दिया गया। बैठक में इस बढ़ोतरी की जानकारी नहीं दी गई थी। वहीं, वाटर टैक्स पहले 10% की दर से वसूला जा रहा था और अधिसूचना के अनुसार इसे अधिकतम सीमा तक सीमित करना था, लेकिन दर में कोई कमी नहीं की गई। सीवर टैक्स को भी 2% से बढ़ाकर 2.5% कर दिया गया, जिसकी कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई।
इसके अलावा, गैर-आवासीय भवनों पर गुणांक 1 से 6 गुना से घटाकर 1 से 3 गुना करने का प्रावधान अधिसूचना में है। पहले हापुड़ में 4 गुना टैक्स लिया जा रहा था, जिसे अब 2 गुना किया जाना चाहिए था, लेकिन यह बदलाव लागू नहीं हुआ।
व्यापारी प्रतिनिधियों ने सांसद से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर हस्तक्षेप कर नगर पालिका से न्यायोचित समाधान सुनिश्चित कराएं।







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