News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद के कई गांवों में चोरियों और अफवाहों के चलते रातभर लोग लाठी-डंडे लेकर चौकसी करते नजर आ रहे हैं। सुरक्षा की भावना अच्छी है, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए हैं कि ग्रामीण संदिग्ध समझकर निर्दोष लोगों की पिटाई तक कर रहे हैं। बीते एक सप्ताह में बाबूगढ़, पिलखुवा और धौलाना में तीन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें पहरा दे रही भीड़ ने निर्दोष लोगों को पीट डाला। ताजा घटना सोमवार देर रात सबली गांव की है, जहां एक गरीब मजदूर को चोर समझकर 20-25 लोगों ने लाठी-डंडों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीट दिया।
घटना ऐसे हुई
पीड़ित के आरोप के मुताबिक पीड़ित युवक किसी होटल में बर्तन साफ करने का काम करता है। सोमवार रात काम खत्म कर वह हाईवे की ओर से गांव लौट रहा था। रास्ते में बाइक सवार दो युवक पहुंचे और उसे जबरन बाइक पर बैठाकर आबादी के बीच ले गए, जहां पहले से मौजूद भीड़ ने बिना कुछ पूछे उसकी पिटाई शुरू कर दी। युवक ने हाथ जोड़कर अपनी निर्दोषता की गुहार लगाई, लेकिन गुस्साई भीड़ लगातार उसे पीटती रही।
पुलिस का तत्काल एक्शन
शोरगुल के बीच किसी ने 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से घायल मजदूर को भीड़ से छुड़ाया और पिटाई करने वाले छह युवकों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पीड़ित को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
थाने में हंगामा, पुलिस ने समझाया
घटना के बाद सबली गांव के सैकड़ों लोग कोतवाली नगर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर कोतवाली प्रभारी मुनीश प्रताप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत किया। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि किसी भी संदिग्ध पर शक हो तो पुलिस को सूचना दें, खुद से कार्रवाई न करें। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों का पक्ष
थाने में मौजूद गांव निवासी राजीव ने माना कि भीड़ की पिटाई में युवक घायल हुआ है। उन्होंने कहा, “कानून को हाथ में लेना गलत है, अगर कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी पीटने वालों पर ही आती।”
अफवाहों से माहौल गरम
इन दिनों जिले के कई गांवों में चोरी और ड्रोन से निगरानी जैसी अफवाहें फैल रही हैं। इसके चलते लोग रात-रातभर जागकर पहरेदारी कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा सतर्कता के साथ जरूरी है, लेकिन किसी को संदिग्ध समझकर मारपीट करना गंभीर अपराध है।
पुलिस की अपील
हापुड़ पुलिस ने अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। संदिग्ध व्यक्ति या घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और निर्दोष लोग हिंसा का शिकार न हों।







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