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गंगा का जलस्तर खतरे के पार, खादर के गांवों में घुसा पानी, जनजीवन ठप


News Expert - Sushil Sharma 

गढ़मुक्तेश्वर - गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम तक लगातार बढ़ते हुए खतरे के निशान को पार कर गया, जिससे खादर क्षेत्र के गांवों में हड़कंप मच गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, शाम तक जलस्तर 199.48 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 199.33 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर है। इस बीच बिजनौर बैराज से 1.10 लाख क्यूसिक पानी और छोड़ा गया, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।

गांवों में पानी, संपर्क मार्ग कटे

कुदैनी की मढैया, रेते वाली मढैया, गंगानगर, शाकरपुर, गड़ावली, लठीरा, चकलठीरा और नयाबांस जैसे गांवों में पानी आबादी तक पहुंच चुका है। खेतों में खड़ी हजारों बीघा फल और सब्जियों की फसल बह जाने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। शाकरपुर में पुलिया गंगा के तेज बहाव में टूट गई, जिससे गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया।


गंगानगर का मार्ग जलमग्न होने से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी रुक गई है। कई गांवों में लोग नाव या ट्रैक्टर के सहारे आ-जा रहे हैं। कुदैनी की मढैया का प्राथमिक विद्यालय दो दिन से बंद है, जबकि आसपास के स्कूलों में भी बच्चों की उपस्थिति बेहद कम है। मेला रोड पर पांच फुट तक पानी भर गया है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है।

प्रशासन का दौरा, राहत के वादे

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम श्रीराम यादव ने गंगा किनारे के क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री दिलाने का आश्वासन दिया गया। गंगानगर क्षेत्र में जरूरतमंदों को राशन किट भेजी गईं। सीओ वरुण मिश्रा पुलिस बल के साथ ट्रैक्टर से गंगानगर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

राहत कार्यों पर सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन अलर्ट पर है, लेकिन राहत कार्य धीमी गति से हो रहे हैं। अब तक कई स्थानों पर नावों की व्यवस्था, पशु चारा और तिरपाल उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। कई गांवों में राहत शिविर भी नहीं लगाए गए हैं। मवेशियों को ऊंचाई पर बांधकर रखा गया है, लेकिन चारे की भारी कमी हो रही है।

जल स्तर के संकेत

198.74 मीटर: यलो अलर्ट

198.93 मीटर: खतरे का निशान

199.33 मीटर: बाढ़ की स्थिति

शुक्रवार शाम: 199.48 मीटर पर गंगा बह रही थी







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