News Expert - Ajay Verma
हापुड़ - जिले में नियम-कानून तोड़ने की घटनाएं आम हो चुकी हैं, लेकिन हैरानी तब होती है जब सरकारी सिस्टम से जुड़े लोग ही इन नियमों की अनदेखी करने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला शनिवार को तब सामने आया, जब ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ लिखी एक लग्जरी बुलेरो गाड़ी का चालान कर दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, हापुड़ नंबर की सफेद रंग की बुलेरो (UP37Y9094) पर बड़े अक्षरों में ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ लिखा हुआ था। वाहन मलकपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है और बताया जा रहा है कि यह वाहन मैसर्स खालसा अर्थ मूवर्स से जुड़ा है। गाड़ी पर लाल रंग की प्लेट पर नंबर अंकित था, लेकिन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) नहीं लगी थी। यही वजह थी कि यह वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की नजर में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस गाड़ी का इस्तेमाल एक जिम्मेदार अफसर भी लंबे समय से कर रहा था। लोगों का कहना है कि शायद उन्हें यह भरोसा था कि ‘सरकारी’ लिखावट देखकर कोई रोक-टोक नहीं करेगा। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
यातायात प्रभारी छविराम सिंह अपनी टीम के साथ जिले में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान यह बुलेरो उनकी नजर में आई। गाड़ी पर HSRP न होने और लाल प्लेट पर नंबर लिखे होने के कारण तुरंत कार्रवाई की गई और ₹5,000 का चालान काट दिया गया।
चालान के बाद से यह गाड़ी और इससे जुड़े अफसर दोनों ही चर्चा का विषय बन गए हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि गाड़ी पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ लिखने का अधिकार किसने दिया? , हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट क्यों नहीं लगवाई गई? और आखिर यह गाड़ी किस अफसर के निजी इस्तेमाल में थी?
फिलहाल, यह मामला कलेक्ट्रेट से लेकर चाय की दुकानों तक चर्चा में है। लोग कह रहे हैं कि अगर नियम तोड़ने वाले सरकारी टैग का सहारा लेने लगेंगे, तो आम जनता से नियम पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?







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