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स्टेशन ट्रेन के साथ प्लेटफॉर्म पर दौड़ी कार, यात्रियों में मचा हड़कंप – सेना के जवान पर मुकदमा दर्ज


News Expert - Sushil Sharma 

मेरठ - मेरठ कैंट रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक सेना के जवान ने चलती ट्रेन के साथ अपनी कार प्लेटफॉर्म पर दौड़ा दी। प्लेटफॉर्म पर खड़े यात्रियों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार और भगदड़ जैसे हालात बन गए। काफी देर तक जवान कार लेकर प्लेटफॉर्म पर घूमा। आखिरकार मौके पर मौजूद रेलवे पुलिस और कर्मचारियों ने घेराबंदी कर आरोपी को काबू किया।

घटना शुक्रवार शाम लगभग 7:20 बजे की बताई जा रही है। आरोपी जवान की पहचान बागपत निवासी संदीप के रूप में हुई है, जिसकी तैनाती फिलहाल दिल्ली में है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके रिश्तेदारों को इमरजेंसी में दिल्ली स्थित अस्पताल जाना था। वह उन्हें ट्रेन में बैठाने आया था।

ट्रेन छूटती देख, प्लेटफॉर्म पर चढ़ाई कार

संदीप ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों को स्टेशन तक लेकर आया था। योगा एक्सप्रेस छूट जाने के बाद वह लौटने ही वाला था कि अचानक नौचंडी एक्सप्रेस आती दिखाई दी। ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर रुकते देख उसने तत्काल फैसला लिया और अपनी ऑल्टो कार प्लेटफॉर्म पर चढ़ा दी। उसने कार को दौड़ाकर ट्रेन के जनरल डिब्बे के पास तक पहुंचाया और अपने रिश्तेदारों को उसमें चढ़ा दिया।

यात्रियों में दहशत, चीख-पुकार मच गई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही कार प्लेटफॉर्म पर चढ़ी, वहां मौजूद यात्रियों में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों को लगा कि कार पटरी पर गिर सकती है या कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। संदीप ने किसी की नहीं सुनी और कार को ट्रेन के साथ-साथ करीब 20 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर दौड़ाता रहा।


नशे में था जवान, केस दर्ज

आरपीएफ और जीआरपी ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरपीएफ इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह ने बताया कि जब आरोपी को पकड़ा गया, तो वह शराब के नशे में था। पूछताछ में उसने कार पर अंग्रेज़ी में 'फौजी' लिखवा रखा था और नंबर प्लेट झारखंड की थी।

फिलहाल आरोपी के खिलाफ रेलवे एक्ट और शांति भंग की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही सेना की आंतरिक जांच टीम भी स्टेशन पहुंची और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

🚫 रेलवे प्लेटफॉर्म पर गाड़ी चलाना बड़ा अपराध

रेलवे अधिकारियों ने इस घटना को बेहद गंभीर लापरवाही करार दिया है। रेलवे अधिनियम के अनुसार, प्लेटफॉर्म पर निजी वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यात्रियों की जान को खतरे में डालने जैसा भी है।

रेलवे विभाग की ओर से कहा गया है कि प्लेटफॉर्म यात्रियों के लिए सुरक्षित क्षेत्र होता है और किसी भी हालात में ऐसे स्टंट या गैरकानूनी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।






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