News Expert - Sushil Sharma
हापुड़ - जनपद में शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग के हालिया सर्वे में 53 ऐसे स्कूलों का खुलासा हुआ है, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इनमें कई संस्थान गली-मोहल्लों में चल रहे हैं, जबकि कुछ स्कूल आठवीं तक की मान्यता के बावजूद 12वीं तक कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। विभाग ने सभी ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि शीघ्र ही मान्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो स्कूलों को बंद करा दिया जाएगा।
नोटिस से स्कूल संचालकों में मचा हड़कंप
बीएसए रीतू तोमर ने साफ कहा है कि अमान्य स्कूलों को किसी भी हाल में चलने नहीं दिया जाएगा। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि निर्धारित समय पर मान्यता नहीं ली गई तो स्कूलों पर ताला जड़ दिया जाएगा। विभाग की इस कार्रवाई से जिलेभर के स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
आठवीं तक की मान्यता, पढ़ाई इंटर तक
सर्वे में सामने आया कि कई स्कूलों के पास सिर्फ जूनियर हाईस्कूल (कक्षा 8 तक) की मान्यता है, लेकिन वहां इंटरमीडिएट तक पढ़ाई कराई जा रही है। बीएसए ने ऐसे स्कूलों की "अमान्य कक्षाएं" तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग की सख्ती
बेसिक शिक्षा विभाग ने अमान्य स्कूलों की पूरी सूची तैयार कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को सही दिशा में शिक्षा मिलना जरूरी है और इस पर किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अमान्य स्कूलों को नियमितीकरण का अंतिम अवसर दिया गया है। यदि मान्यता नहीं ली गई तो स्कूलों को सील कर दिया जाएगा।
बीएसए रीतू तोमर का कहना है कि "जिन स्कूलों के पास मान्यता नहीं है या जिन्होंने सीमा से अधिक कक्षाएं संचालित कर रखी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।"













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